भारत में कोरोना वायरस की दूसरी लहर अभी खत्म होने ही वाली थी। कि वायरोलॉजिस्ट ने Covid 19 के एक नए संस्करण के द्वारा तीसरी लहर की शुरुआत होने की आशंका जताई है। वैज्ञानिकों का यह मानना है कि यह संस्करण, Delta variant की तरह ही अत्यधिक संक्रामक और खतरनाक है ।जिसे स्थानीय रूप में डेल्टा प्लस वैरिएंट ( Delta Plus variant ) के नाम से जाना जाता है।

डेल्टा प्लस वैरीअंट क्या है?-What is Delta Plus variant?

वैज्ञानिकों का यह मानना है, कि Delta plus variant (B.1.617.2.1/AY.1) अत्यधिक संक्रामक डेल्टा संस्करण (Delta variant) का उप- वंशज है। या सामान्यतः यह कहे कि यह SARS-COV-2 की अगली पीढ़ी है।

इस संस्करण में स्पाइक प्रोटीन उत्परिवर्तन (mutation ) होता है जो बीटा संस्करण में भी पाया जाता है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है, कि साझा उत्परिवर्तन ( Mutation) संस्करण के कार्य को कैसे प्रभावित कर सकता है।

भारत में डाटा प्लस पहली बार अप्रैल में पश्चिमी राज्य महाराष्ट्र में पाया गया था 3 राज्यों महाराष्ट्र मध्य प्रदेश और केरल में 40 से अधिक मामले मिलने के बाद इस सप्ताह भारत में अधिकारियों ने इसे देश में एक नया ‘चिंता का विषय’ घोषित किया।

हाल ही में इसकी खोज के कारण वैज्ञानिकों के पास अभी बहुत ही इसके बारे में सीमित जानकारी है। हालांकि उन्होंने इसके फैलने की क्षमता के बारे में अनुमान लगाना शुरू कर दिया है।

Delta Plus variant symptoms – डेल्टा प्लस वैरिएंट के लक्षण

सामान्यता यह देखा गया है कि इसके लक्षण मूल डेल्टा वैरीअंट के लक्षण के समान है। UK के Zoe Covid लक्षण अध्ययन ऐप के आंकड़ों के अनुसार लोगों ने जो लक्षण बताए हैं वह इस प्रकार है।

  • गले में खरास ।
  • नाक का बहना ।
  • बुखार ।
  • सिरदर्द।

क्या डेल्टा प्लस वैरिएंट के खिलाफ कोविड 19 वैक्सीन प्रभावी है?

मेडिकल जानकारों के मुताबिक अभी इस पर कुछ कह पाना मुश्किल है। भारत के सोनीपत में अशोक विश्वविद्यालय में त्रिवेदी स्कूल ऑफ बायोसाइंसेज के एक वायरोलॉजिस्ट ‘शाहिद जमील’ ने कहा,“यह सबसे अधिक संभावना है की यह प्रतिरक्षा को चकमा देने में सक्षम है।” ऐसा इसलिए है क्योंकि इसमें मूल डेल्टा संस्करण और बीटा संस्करण दोनो के लक्षण है।

भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों का यह मानना है, कि भारत में उपयोग हो रहे दोनों कोविड टिके – सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित Coveshield और भारत बायोटेक लिमिटेड द्वारा निर्मित Covaxin डेल्टा प्लस संस्करण ( Delta plus variant ) के विरुद्ध भी प्रभावी होंगे।

भारत में covid -19 के प्रभाव –

क्या पता है: अस्पतालों में ऑक्सीजन और बिस्तरों की कमी की वजह से तथा टीकाकरण की कम दरों की वजह से भारत में बीमारी और मौतों में वृद्धि हुई है।

मौतों की संख्या: विशेषज्ञों की मानें तो भारत में मौत के आंकड़ों को छुपाया जा रहा है जितने मौत के आंकड़ों को दिखाया जा रहा है। मौतें उससे अधिक हुई हैं।

यात्रा प्रतिबंध: कई देशों ने भारत से यात्रा को प्रतिबंधित करना शुरू कर दिया है। ऑस्ट्रेलिया ने अपने नागरिकों सहित देश से आने वाले सभी यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया है।

मदद: दुनिया भर के दानदाता भोजन, चिकित्सा, खर्च, पीपीई के लिए पैसे दे रहे हैं। और ऑक्सीजन टैंक, अन्य आवश्यक आपूर्ति भेज रहे हैं।

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